शहर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नागरिकों को जाम की समस्या से निजात दिलाने को लेकर सरकार गंभीर हुई है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर की समीक्षा बैठक में रिस्पना व बिंदाल कॉरिडोर के निर्माण में हो रही देरी पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को यह कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे से जोड़ने का भी अनुरोध केंद्र सरकार से किया जाए। साथ ही आबादी और वाहनों की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत अन्य शहरों के लिए सुनियोजित योजना पर कार्य करने को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कालसी में यमुना नदी पर निर्माणाधीन हरिपुर घाट के कार्य में देरी पर भी नाराजगी जताई और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को यह कार्य छह माह में पूरा करने के निर्देश दिए।
देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर के संबंध में बैठक
सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय ने देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर के संबंध में बैठक की। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे बनने के बाद देहरादून में वाहनों व पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। यहां पहले ही वाहनों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में देहरादून एलिवेटेड कॉरिडोर का कार्य जल्द शुरू किया जाना चाहिए। इसमें रिस्पना कॉरिडोर में रिस्पना नदी पर 11 किलोमीटर और बिंदाल नदी पर 15 किलोमीटर लंबे चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण होना है। इसके लिए इन नदियों से विद्युत लाइन व सीवर लाइन को नदी से बाहर लाया जाना है। एलिवेटेड रोड के साथ नदी के दोनों किनारों पर रिटेनिंग वाल का निर्माण और बाढ़ सुरक्षा कार्य भी होने हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में जो भी विकास के कार्य किए जा रहे हैं, उनका परिणाम धरातल पर नजर आए। कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अभी से नंदादेवी राजजात की भी तैयारी शुरू करने को कहा।
तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाए
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को निर्देश दिए कि देहरादून एलिवेटेड रोड, गढ़वाल और कुमाऊं की कनेक्टिविटी के कार्यों, मानसखंड मंदिर माला मिशन व नंदादेवी राजजात की तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाए। वह स्वयं भी समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे। बैठक में राज्य अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक धनंजय मोहन, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, डा पंकज कुमार पांडेय, डा आर राजेश कुमार, रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून अजय सिंह, नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
You may also like
-
चारधाम यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था होगी और सख्त, श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा पर सरकार का विशेष फोकस
-
राज्य के सरकारी स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण की तैयारी, विद्यार्थियों को मिलेगी आधुनिक प्रयोगात्मक शिक्षा
-
नैनीताल और मसूरी में सप्ताहांत से पहले पर्यटकों की बढ़ी आवाजाही, पर्यटन कारोबार में लौटी रौनक
-
देहरादून में स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन परियोजना को मिलेगी नई रफ्तार, जाम और सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम
-
जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, उत्तराखंड में 1 सितंबर से शुरू होगा विशेष गणना अभियान