उत्तराखंड में भारत नेपाल के साथ करीब 275 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा शेयर करता है, एसएसबी सीमा की निगरानी करती है
पिथौरागढ़: 31 मई को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने नेपाली संसद में विवादास्पद बयान देते हुए कहा था कि सिर्फ भारत ने ही नेपाली जमीन पर कब्जा नहीं किया, बल्कि नेपाल ने भी कुछ भारतीय इलाकों पर कब्जा किया है. अब दोनों देशों को मिलकर इस मामले की जांच करनी चाहिए. उनके इस बयान से न सिर्फ नेपाल के विपक्षी दल नाराज हो गए बल्कि भारत ने भी कड़ी आपत्ति जताई.
नेपाली पीएम के विवादित बयान के बाद सतर्कता बढ़ी: बालेन शाह के बयान के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय झूलापुलों पर आने जाने वालों की जांच के साथ ही सीमा पर गश्त कर कड़ी नजर रखी जा रही है. भारतीय क्षेत्र लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा की जमीन को नेपाल समय-समय पर अपना बताता रहा है. समय-समय पर इस तरह की बयानबाजी कर दोनों देशों के रिश्तों पर खटास पैदा करने कोशिश की जाती रही है. नेपाल ने इस भारतीय भूभाग को अपने नक्शे में भी शामिल किया है.
भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी चौकस: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बयान दिया था कि केवल भारत ने ही नेपाली क्षेत्रों पर अतिक्रमण नहीं किया है, बल्कि नेपाल ने भी भारतीय क्षेत्रों पर अतिक्रमण किया है. इस बयान के बाद नेपाल में विपक्ष और छात्र संगठनों ने बालेन शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रधानमंत्री शाह के बयान और नेपाल में हो रहे घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड की सीमा से सटे क्षेत्रों में भारतीय सुरक्षा एजेंसीज विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
उत्तराखंड में नेपाल से भारत की 275 किमी सीमा लगती है: उत्तराखंड में भारत-नेपाल सीमा की लंबाई लगभग 275 किलोमीटर है. यह सीमा पिथौरागढ़, चंपावत और उधमसिंह नगर से होकर गुजरती है. पिथौरागढ़ में 10 से अधिक अंतरराष्ट्रीय झूलापुल हैं. इन्हीं झूला पुलों से दोनों देशों के बीच लोग आवागमन करते हैं. चंपावत जिले के टनकपुर में बैराज से आवाजाही होती है. बनबसा में मोटर पुल है. यह पुल दोनों देशों को जोड़ने वाला अकेला मोटर पुल है. अब पिथौरागढ़ के छारछुम में भी मोटर पुल बनकर तैयार है.
एसएसबी करती है भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा का जिम्मा एसएसबी के कंधों पर है. सशस्त्र सीमा बल के जवान अंतरराष्ट्रीय पुलों से आवागमन करने वाले लोगों और उनके सामान की जांच करते हैं. इसके बाद ही आने जाने की अनुमति दी जाती है. झूलाघाट में फेस आईडी कैमरा लगाए गए हैं. इसके माध्यम से आने जाने वालों का डिजिटल रिकार्ड रहता है. झूलाघाट और धारचूला में सामान की जांच के लिए मशीनें लगी हैं.
संदिग्ध गतिविधि की जानकारी देने की अपील: भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी के साथ ही पुलिस भी नजर रख रही है. बार्डर एरिया के थानों झूलाघाट, बलुवाकोट, जौलजीबी, अस्कोट, धारचूला पुलिस और सीमा पर स्थित बीओपी में तैनात एसएसबी जवान संयुक्त रूप से गश्त कर रहे हैं. सुरक्षा बलों के अधिकारियों के अनुसार सीमा पर होने वाली सामान की तस्करी, मानव तस्करी, नशे के कारोबार पर रोक के लिए चौकसी बरती जा रही है. पुलिस द्वारा किसी तरह के संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि होने पर जानकारी देने की अपील भी की जा रही है.
दिन-रात गश्त कर रहे हैं एसएसबी के जवान: एसएसबी के कमांडेंट का कहना है कि-
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं. अंतरराष्ट्रीय झूलापुलों पर लोगों की जांच करने के बाद आने-जाने की अनुमति दी जाती है. सीमा पर अवांछित गतिविधियां न हों, इसके लिए एसएसबी जवान दिन रात गश्त कर रहे हैं.
-महेंद्र प्रताप कमांडेंट, एसएसबी 55वीं वाहिनी-
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