प्रदेश की धामी सरकार लगातार जीरो टालरेंस की नीति पर आगे बढ़ रही है। यही कारण है कि बीते तीन साल में विजिलेंस ने रिकार्ड 54 ट्रैप कर 63 अधिकारियों और कर्मचारियों को सलाखों के पीछे डाला है। भ्रष्टाचारियों पर यह कार्रवाई अभी भी जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पद संभालने के बाद कहा था कि भ्रष्टाचारी बड़ा हो या छोटा, सभी की जगह जेल में है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में विजिलेंस ने टोल फ्री नंबर 1064 और मोबाइल एप लांच किया, जिस पर कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार के संबंध में जानकारी दे सकता है। मुख्यमंत्री स्वयं इनकी समीक्षा करते रहे।
भ्रष्टाचारियों पर होने वाली कार्रवाई में तेजी
परिणामस्वरूप भ्रष्टाचारियों पर होने वाली कार्रवाई में तेजी आई। इसी साल, यानी 2024 में अब तक 16 ट्रैप और 21 भ्रष्टाचारियों को जेल भेजा गया है। वर्ष 2013 में भी 18 ट्रैप कर 20 कार्मिकों को जेल भेजा गया था। वर्ष 2022 में 14 ट्रैप में 15 और वर्ष 2021 में छह ट्रैप में सात भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे डाला गया था। इसमें कई बड़े अधिकारी शामिल रहे। इनमें पूर्व आइएएस राम विलास यादव, आइएफएस आरबीएस रावत, किशनचंद के अलावा कई पीसीएस, पुलिस व इंजीनियरिंग शाखा के अधिकारियों को जेल जाना पड़ा है। इस समय भी विजिलेंस कई भ्रष्टाचारियों पर नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भ्रष्टाचारी की कितनी भी बड़ी पहुंच क्यों न हो, वह कानून से बच नहीं पाएगा।
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