कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत कुल 39 मेडल जीतकर चौथे स्थान पर रहा.![]()
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स से पदक जीतकर लौटे भारतीय खिलाड़ियों से रविवार को मुलाकात की, और प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई भी दी. इस मौके पर पीएम ने कहा कि मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों की कामयाबी एथलीटों की नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी.
मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर कुछ तस्वीरें साझा करके ट्वीट भी किया. उन्होंने लिखा, ‘मुझे 7, लोक कल्याण मार्ग पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेताओं की मेजबानी करके बहुत प्रसन्नता हुई. उनके खेलों के अनुभवों के बारे में जाना. हर खिलाड़ी ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है. उनकी सफलता कई युवाओं को प्रेरित करेगी.’
खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा. हमेशा भारत का हौसला बढ़ाइए.’
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा, ‘दोस्तों, आपने बहुत अच्छा काम किया है. आपने देश का मान बढ़ाया है. मैं आपको दिल से बधाई देता हूं.’ उन्होंने मेडल विजेताओं को उत्कृष्टता की अपनी कोशिश जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा, ‘मेरा यकीन मानिए, आप भविष्य में भी जीत हासिल करते रहेंगे और हम एक बार फिर यहां मिलेंगे.’
गोल्ड मेडल जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के साथ बातचीत के दौरान मोदी काफी भावुक हो गए. चानू अपने संघर्षों और पोडियम पर खड़े होकर भारतीय झंडा फहराए जाने के पल को याद करते हुए भावुक हो गई थीं. उन्होंने कहा, ‘बहुत सारे आंसू बह रहे थे. मुझे ऐसा लगता है जैसे उन आंसुओं की हर बूंद सोने के मेडल के गिरने जैसी है.’
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन
ग्लास्गो में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा और देश ने कुल 39 पदक जीते जिनमें 13 स्वर्ण, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे. बॉक्सिंग में भारतीय टीम ने गेम्स में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया और सात गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल जीते.
इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में भारत ने अब तक का अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन किया. देश ने ग्लासगो में 12 जूडो इवेंट में हिस्सा लिया और चार मेडल (दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज) जीते. यह 2022 के एडिशन में जीते गए तीन मेडल से बेहतर था, जब कोई गोल्ड नहीं जीता गया था.
अस्मिता ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीता और ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका बनीं, जबकि हर्ष ने भी यही कारनामा किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय पुरुष बने.
ग्लासगो में सीमित इवेंट्स को देखते हुए भारत का प्रदर्शन खास तौर पर उल्लेखनीय रहा. चूंकि कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग जैसे पारंपरिक खेल, जिनमें अक्सर ज़्यादा मेडल मिलते हैं, शामिल नहीं थे, इसलिए भारत के लिए मेडल की संख्या बढ़ाने के मौके कम थे. फिर भी, बॉक्सिंग, जूडो, एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन की वजह से भारत ने 39 मेडल जीते और रैंकिंग में चौथे स्थान पर रहा.
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