विधानसभा की बदरीनाथ व मंगलौर सीटों के उपचुनाव के नतीजे राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए चिंतन-मनन का विषय भी बन गए हैं। पार्टी अब इससे सबक लेते हुए जनादेश की समीक्षा करने के साथ ही रणनीतिक कमियों व खामियों में सुधार करेगी।
पार्टी के सामने अब अगली चुनौती नगर निकाय और त्रिस्तरीय चुनावों के साथ ही विधानसभा की केदारनाथ सीट के उपचुनाव की है। उपचुनाव से सीख लेकर इनमें परचम लहराने के लिए लिए वह अपनी रणनीति को मूर्त रूप देगी। भाजपा की सोमवार को देहरादून में होने वाली प्रांतीय कार्यसमिति की वृहद बैठक में भी उपचुनाव के परिणाम की समीक्षा की जा सकती है।
सभी पार्टीजनों ने निष्ठापूर्वक काम किया
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उपचुनाव के परिणाम स्वीकारते हुए कहा कि पार्टी इसकी समीक्षा करेगी। रणनीतिक तौर पर जो कमियां, खामियां रहीं, उन्हें दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सही है कि उपचुनाव के परिणाम हमारे अनुकूल नहीं रहे, लेकिन सभी पार्टीजनों ने निष्ठापूर्वक काम किया। मंगलौर इसका उदाहरण है, जहां भाजपा इस बार जीतने की स्थिति में पहुंच गई थी। रही बात बदरीनाथ की तो कांग्रेस वहां अपनी सीट बचाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को नतीजों से अति उत्साहित होने की जरूरत नहीं है। भाजपा जहां थी, वही है। कांग्रेस ने एक सीट मंगलौर में बसपा से छीनी है। बाहरी उम्मीदवार से संबंधित प्रश्न पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में एक से दूसरे दलों के लोग आते रहते हैं। इनमें से कुछ को टिकट भी दिया जाता है। कुछ जीत जाते हैं और कुछ को हार मिलती है। कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के साथ ही कांग्रेस के लिए भी उपचुनाव महत्वपूर्ण थे। भाजपा के यह दोनों सीटें पहले भी नहीं थीं, लेकिन कांग्रेस के लिए जीतना जरूरी था। कांग्रेस अकेले दम पर नहीं, बल्कि उक्रांद, वामपंथी समेत अन्य दलों के समर्थन से जीती।
बदरीनाथ सीट के मामले में दुष्प्रचार कर रही कांग्रेस
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने बदरीनाथ सीट के मामले में कांग्रेस पर दुष्प्रचार का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि में राम मंदिर हार गया और बदरीनाथ में बदरीनाथ हार गया, जैसी बातें कहकर कांग्रेस अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है। सच्चाई यह है कि फैजाबाद लोकसभा सीट के अंतर्गत अयोध्या विस क्षेत्र में भाजपा जीती थी, जबकि बदरीनाथ सीट तो पहले से ही कांग्रेस के पास थी। उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले दिनों में निकाय व पंचायत चुनावों के साथ ही विस की केदारनाथ सीट का उपचुनाव हैं, जिनमें कांग्रेस को जनता करारा सबक सिखाएगी।
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