पीएम मोदी ने कहा, ‘अपने परिवार को नाकामी के दाग से बचाने के लिए कांग्रेस भारत की उपलब्धियों पर सवाल उठा रही है.’
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विपक्षी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दुनिया एक नई व्यवस्था की तलाश कर रही है तब कुछ लोग भारत में ‘अव्यवस्था’ का सपना देख रहे हैं.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में एक साल में श्रीहरिकोटा से इतने रॉकेट लॉन्च नहीं होते, जितने कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की नाकाम कोशिशें करती है.
पीएम ने यहां एक टीवी चैनल के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘अपने परिवार को नाकामी के दाग से बचाने के लिए कांग्रेस भारत की उपलब्धियों पर सवाल उठा रही है. अंगूर खट्टे हैं, और कांग्रेस अब खुद ही अंगूर काटने की कोशिश कर रही है. परिवार अब कांग्रेस पर बोझ बन गया है.’
किसी का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा कि सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए किए गए असली सिविल मूवमेंट को कांग्रेस ने बर्बाद कर दिया है, जो ‘ब्रेन नक्सलियों’ के असर में एक पॉलिटिकल पैरासाइट बन गई है, जिन्होंने उसकी आजाद सोचने की क्षमता को खत्म कर दिया है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी I.N.D.I.A. ब्लॉक ने पिछले दो हफ़्ते में नेशनल कैपिटल और देश के दूसरे हिस्सों में अलग-अलग प्रोटेस्ट किए हैं. वे वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में कथित गड़बड़ियों को लेकर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे हैं.

हालांकि गांधी ने सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए बयान दिए, लेकिन दोनों ग्रुप और उनके विरोध के बीच कोई सीधा कनेक्शन नहीं है. पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के रवैये की वजह से सरकार के ईमानदार आलोचकों, जो देश और डेमोक्रेसी की भलाई चाहते हैं, की आवाजें दब जाती हैं.
उन्होंने कहा कि वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है और इसलिए ग्लोबल साउथ की आवाज को सही जगह देने के लिए मल्टीलेटरल इंस्टीट्यूशन में सुधार जरूरी है. उन्होंने कहा, ‘हमें यह समझना होगा कि वर्ल्ड ऑर्डर क्यों बदल रहा है. पुराना ऑर्डर उभरती चुनौतियों को हल क्यों नहीं कर पाया है.’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मल्टीलेटरल इंस्टीट्यूशन में सुधार जरूरी है. ग्लोबल साउथ की आवाज को सही जगह देना जरूरी है.’ उन्होंने कहा कि जब दुनिया की असलियतें बदलती हैं, लेकिन फैसले लेने के तरीके नहीं बदलते, तो सिस्टम और असलियत के बीच का अंतर बढ़ने लगता है. पीएम मोदी ने कहा कि दशकों से ट्रेड ने देशों को जोड़ा, टेक्नोलॉजी ने दूरियां कम की, समुद्री रास्तों ने इकॉनमी को जोड़ा और कल्चर और मोबिलिटी ने अलग-अलग समाजों को करीब लाया.
उन्होंने कहा, ‘लेकिन आज, यही लिंक नए तनावों का सामना कर रहे हैं. ट्रेड हथियार बनाने का जरिया बन रहा है. टेक्नोलॉजी कॉम्पिटिशन और झगड़े का नया अखाड़ा बन रही है. समुद्री रास्ते जियोपॉलिटिकल तनावों का हब बन रहे हैं.’
इसलिए आज की चुनौती सिर्फ एक नए ग्लोबल ऑर्डर का बनना नहीं है. चुनौती यह है कि बदलती दुनिया में एक ऐसा ऑर्डर कैसे बनाया जाए जो नई असलियतों को अपनाए, ग्लोबल संस्थाओं को ज़्यादा असरदार बनाए और देशों के बीच सहयोग की भावना को मजबूत करे, उन्होंने कहा.
उन्होंने आगे कहा, ‘और यहीं पर भारत की भूमिका का सवाल सामने आता है.’ पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इंटरनेशनल सहयोग सिर्फ अच्छे समय के लिए नहीं होना चाहिए. यह संकट के समय में भी असरदार रहना चाहिए और इसके लिए सभी हितधारकों के बीच असरदार आम सहमति जरूरी है.

उन्होंने कहा कि जब दुनिया एक नए ऑर्डर की तलाश कर रही है, तो कुछ लोग भारत में ‘अव्यवस्था’ का सपना देख रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘आज जब दुनिया में इतनी उथल-पुथल है, तो एक मजबूत भारत की इमेज दुनिया भर में चमकनी चाहिए. लेकिन कुछ लोग भारत की इज़्जत खराब करने, देश को बदनाम करने के लिए विदेश जाने और विदेशी दखल की गुहार लगाने पर तुले हुए हैं.’
पीएम ने कहा कि कोई नहीं जानता कि कांग्रेस अपना ‘फेल प्रोडक्ट’ लॉन्च करने के लिए कब तक देश को दांव पर लगाए रखेगी. उन्होंने कहा, ‘असल में कांग्रेस का यह परिवार अपनी ही पार्टी पर बोझ बन गया है,’ और कहा कि विपक्षी पार्टी के सीनियर नेता यह बात अकेले में मानते हैं.
उन्होंने कहा कि संसद में देखा जाता है कि कैसे टैलेंटेड युवा विपक्षी सांसद सरकार पर बहस करना और उसकी आलोचना करना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया, ‘लेकिन कांग्रेस कार्यवाही में रुकावट डालती है क्योंकि वह सिर्फ एक व्यक्ति को लाइमलाइट में रखना चाहती है, जिससे युवा विपक्षी सांसदों के साथ बहुत बड़ा अन्याय होता है.’
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को एहसास हो गया है कि ग्लोबल ऑर्डर सिर्फ पावर और हितों के आधार पर नहीं चलाया जा सकता. उन्होंने कहा, ‘बातचीत जरूरी है, सहयोग जरूरी है और विवादों का समाधान जरूरी है. इसी भावना ने यूनाइटेड नेशंस (UN) की नींव रखी.
दशकों तक संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक सहयोग और शांति को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाई. हालांकि, समय के साथ, दुनिया बदलती रही, नई उम्मीदें पैदा हुई, नई इकॉनमी और नई ताकतें पैदा हुईं, उन्होंने कहा. उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र और दूसरे वैश्विक संगठनों की अपनी ऐतिहासिक भूमिकाएं रही हैं, लेकिन आज की चुनौतियों के सामने, उनकी सीमाएं साफ दिखाई देती हैं.’
अलग-अलग सेक्टर में भारत की कामयाबियों के बारे में बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था जब दुनिया भारत को ‘दुनिया का बैक ऑफिस’ कहती थी, लेकिन आज का भारत सिर्फ एक सर्विस प्रोवाइडर नहीं है. यह दुनिया के लिए नए सॉल्यूशन और टेक्नोलॉजी इनोवेट कर रहा है, डिजाइन कर रहा है और बना रहा है.
उन्होंने कहा, ‘हम बड़े सपने देखेंगे, हर चुनौती को मौके में बदलेंगे और हर इरादे को पूरा करेंगे. हमारी ताकत हमारा आत्मविश्वास है, और हमारी प्रेरणा 140 करोड़ देशवासियों के सपने हैं. हम इनोवेट करेंगे, नए रास्ते बनाएंगे, नई ऊंचाइयों को छुएंगे, और भारत की सफलता को दुनिया की सफलता से जोड़ेंगे.’
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