उत्तराखंड में बीते कई दिनों से मौसम शुष्क हाेने के साथ ही पारा भी रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, मंगलवार को दोपहर बाद मौसम ने करवट बदल ली और देहरादून समेत कई जिलों में बौछारों का दौर शुरू हो गया है। सुबह से चटख धूप खिलने के बाद कई क्षेत्रों में अचानक बौछारें पड़ीं। इस दौरान रानीखेत में सर्वाधिक 13 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं, दून में भी पांच मिमी बारिश हुई।
येलो अलर्ट हुआ जारी
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, आज प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादल मंडराने के आसार हैं। खासकर कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र दौर हो सकते हैं। इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून में आंशिक बादल छाने के साथ ही उमस बेहाल कर सकती है। दोपहर बाद कहीं-कहीं हल्की वर्षा के आसार हैं।
आज से बदल जाएगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, प्रदेश में मानसून की गतिविधि फिहाल धीमी हैं। आगामी बुधवार और गुरुवार को कुमाऊं के ज्यादातर क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तीव्र बौछारें पड़ सकती हैं। सोमवार से राजस्थान से मानसून की विदाई शुरू हो गई है, ऐसे में उत्तराखंड से भी एक सप्ताह से 10 दिन के भीतर मानसून विदा हो सकता है।
टूटा था 50 वर्षों का रिकॉर्ड
उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों मानसून कमजोर पड़ने से मौसम शुष्क हो गया था और चटख धूप ने पसीने छुड़ा दिए थे। प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में शुष्क मौसम के बीच पारे में उछाल मारा था। दून में तो सोमवार को पारे ने 50 वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। वर्ष 1974 के बाद पहली बार सितंबर में दून का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से अधिक गया।
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