प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के ठोस कारण पता लगाने के लिए अब सड़कों के आधार पर भी दुर्घटनाओं का आंकड़ा एकत्र किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि किस प्रकार के मार्गों पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके बाद इन मार्गों को दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा। प्रदेश ही नहीं, इस समय पूरे देश में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय द्वारा एकत्र आंकड़ों में जो बात सामने आई है, वह यह कि सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों पर हो रही हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्गों को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
सीएम धामी ने बैठक में उठाया था सड़क दुर्घटनाओं का विषय
हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी सड़क दुर्घटनाओं का विषय उठा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में दुर्घटनाओं का आंकड़ा जिलेवार रखा जाता है। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं का आंकड़ा राजमार्गवार रखा जाए, जिससे यह पता चल सके कि उत्तराखंड में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं किस प्रकार के राजमार्ग पर हो रही हैं। प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग कुल मार्ग का तकरीबन 25 प्रतिशत है। ऐसे में यदि यहां भी राष्ट्रीय राजमार्गों पर अधिक दुर्घटनाएं देखी जाती हैं तो फिर दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की कार्ययोजना उसी प्रकार से बनाई जाएगी।
सीएम ने परिवहन विभाग को दिए आंकड़े एकत्र करने के निर्देश
सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा यदि राज्य स्तरीय राजमार्ग में अधिक निकलता है तो फिर इसके कारणों का अध्ययन कर दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में अब परिवहन विभाग राजमार्गवार आंकड़े एकत्र करेगा।
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