उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मानसून की सक्रियता दोबारा बढ़ने से ज्यादातर क्षेत्रों में बादल मंडरा रहे हैं और बौछारों का सिलसिला भी जारी है। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में आंशिक बादलों के बीच धूप भी खिल रही है। बीते दो दिनों में ज्यादातर क्षेत्रों में रुक-रुककर भारी वर्षा हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज भी प्रदेश में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाये रहने के आसार हैं। पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में गरज-चमक के साथ तीव्र वर्षा के दौर हो सकते हैं, जिसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद कुछ दिन वर्षा का क्रम धीमा रहने का अनुमान है। तीन अक्टूबर के आसपास मानसून उत्तराखंड से विदा हो सकता है।
पारा सामान्य से नीचे पहुंचा
दून में शुक्रवार को सुबह बादल मंडराते रहे और कहीं-कहीं बौछारें पड़ीं। हालांकि, इसके बाद धूप और बादलों की आंख-मिचौनी चलती रही। दोपहर बाद भी कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी का क्रम बना रहा। इसके अलावा आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में भी बादलों के डेरे के साथ हल्की वर्षा दर्ज की गई। इसके साथ ही पारा भी सामान्य से नीचे पहुंच गया है। देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे है। हालांकि, न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में सुबह-शाम ठिठुरन महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन वर्षा का क्रम धीमा पड़ सकता है। ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने के साथ हल्की वर्षा के आसार हैं।
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