कनखल क्षेत्र की बुजुर्ग महिला संतुलन बिगड़ने से गंगनहर में गिर गई थी, अपनी हिम्मत से महिला ने अपनी जान बचा ली
हरिद्वार: ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’…ये कहावत उत्तराखंड के हरिद्वार में सच साबित हुई है. हरिद्वार में एक बुजुर्ग महिला संतुलन बिगड़ने पर गंगनहर के गहरे पानी में जा गिरी और करीब एक किलोमीटर तक बहती रही. गनीमत रही कि एक युवक की नजर महिला पर पड़ गई. युवक ने तत्काल स्थानीय पुलिस को फोन किया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को रस्सी पकड़ा दी. स्थानीय लोगों की मदद से महिला को सकुशल गंगनहर से बाहर निकाला गया और परिजनों के सुपुर्द कर दिया. वहीं सोशल मीडिया पर महिला के रेस्क्यू का वीडियो भी वायरल हो रहा है. खासकर पुलिस और पुलिस को सूचना देने वाले अंकित की सराहना भी की जा रही है.
गंगनहर में बह रही बुजुर्ग महिला का रेस्क्यू: दरअसल आज के दौर में जहां लोग अक्सर मुसीबत में फंसे व्यक्ति को देखकर भी अनदेखा कर आगे बढ़ जाते हैं, वहीं हरिद्वार के युवा अंकित चौधरी ने जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है. अंकित की सूझबूझ और सतर्कता और से गंगनहर में बह रही एक बुजुर्ग महिला की जान बच गई.


वक्त रहते महिला के बहने की सूचना मिल गई थी. सूचना मिलते ही तत्काल टीम ने मौके पर पहुंचकर महिला को सुरक्षित रेस्क्यू किया. रेस्क्यू कर बुजुर्ग महिला को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है.
-संजय चौहान, सीओ, ज्वालापुर-
ऐसे बची बुजुर्ग महिला की जान: अक्सर पानी में गिरते ही लोग घबरा जाते हैं. जिन्हें तैरना नहीं आता उनके लिए यही घबराहट जानलेवा बन जाती है. लेकिन हरिद्वार की इस बुजुर्ग महिला ने गंगनहर में गिरने के बाद भी हिम्मत रखी. उन्होंने अपने मन को शांत रखा. दरअसल घबराने से मांसपेशियों सख्त हो जाती हैं और विज्ञान का नियम है कि सख्त चीज पानी में डूब जाती है. गंगा में बहते ही उन्होंने अपने हाथ और पैर फैलाकर ढीले छोड़ दिए. इससे नदी में उनका संतुलन बन गया. इसके साथ ही उन्होंने गहरी सांस लेकर उसे रोक लिया. इससे उनके फेफड़े ने गुब्बारे की तरह काम किया. बुजुर्ग महिला के कपड़ों ने भी पानी में फूलकर रबर ट्यूब के जैसा काम किया. इस तरह ये बुजुर्ग महिला गंगनहर में डूबने की बजाय सतह पर बहती रहीं. महिला के बहते हुए विजुअल में अगर देखेंगे तो साफ दिख रहा है कि उन्होंने अपना सिर थोड़ा पीछे की ओर झुकाया हुआ था. इससे उन्हें नाक और मुंह से सांस लेने में आसानी रही. इस तरह इस बुजुर्ग महिला ने गंगनहर में 1 किलोमीटर दूर तक बहने के बावजूद नई जिंदगी पा ली. हरिद्वार की इस बुजुर्ग महिला का लाइफ सेविंग केस वैज्ञानिकों के लिए रिसर्च का विषय हो सकता है.
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