विजिलेंस की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सर्विलांस, तकनीकी और वित्तीय विशेषज्ञों की टीम गठित की जाएगी। इससे आने वाले समय में विवेचनाओं की गुणवत्ता में भी बढ़ोतरी होगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजिलेंस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों के बीच की। मुख्यमंत्री वहां सत्यनिष्ठा की संस्कृति से राष्ट्र की समृद्धि पर आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ करने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने सतर्कता मुख्यालय में सराहनीय कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित भी किया। उन्होंने लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल को याद करते हुए कहा कि उनकी जयंती पर हर साल लोक प्रशासन को पारदर्शी व उत्तरदायी बनाने के लिए सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जाता है। जिस उद्देश्य से यह सप्ताह मनाया जा रहा है, उसकी पूर्ति के लिए सभी पारदर्शिता से काम करने की शपथ लें।
पार पारदर्शिता के साथ काम करने की जरूरत
सतर्कता जन जागरूकता सप्ताह व प्रशिक्षण शिविर जनता को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने और लोक प्रशासन को पारदर्शी व उत्तरदायी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने आगे कहा कि सत्यनिष्ठा की संस्कृति विकसित करने के लिए सभी को सत्य, ईमानदारी, नैतिकता और पारदर्शिता के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने विजिलेंस में विशेषज्ञ अधिकारियों को तरजीह देने को भी कहा। इस मौके पर विजिलेंस डायरेक्टर डॉ. वी मुरुगेशन ने जानकारी दी कि 2022 में टोल फ्री नंबर 1064 जारी हुआ था। तब से अब तक 7800 शिकायतें दर्ज की गई हैं। सतर्कता विभाग ने पिछले तीन वर्षों में 66 ट्रैप किए हैं। इनमें 75 लोगों पर कार्रवाई की गई है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, गृह सचिव शैलेश बगौली, एडीजी अमित सिन्हा, एडीजी एपी अंशुमान, एसपी विजिलेंस रेनू लोहानी आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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