चारों धामों में अब 10 जून तक वीआइपी दर्शन नहीं होंगे। पहले यह अवधि 31 मई तक निर्धारित थी। धामों में निरंतर उमड़ रही यात्रियों की भीड़ को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इस संबंध में पत्र भेजा है। मुख्य सचिव रतूड़ी ने पत्र में सभी राज्यों की ओर से अब तक दिए गए सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि आमजन को जागरूक करने के लिए राज्यों द्वारा दिए गए सहयोग से सरकार को चारधाम यात्रा का प्रभावी प्रबंधन करने में मदद मिली है। उन्होंने सभी राज्यों से आग्रह किया है कि 10 जून तक विशिष्ट व्यक्तियों व अधिकारियों की चारधाम की यात्रा स्थगित रखा जाए।
चारधाम यात्रा में पिछली बार की तुलना में इस बार दोगुना संख्या में यात्री उमड़ रहे हैं। इसके चलते यात्रा की शुरुआत में कुछ कठिनाइयां भी आईं, लेकिन बाद में मुख्यमंत्री धामी के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभल गई। मुख्यमंत्री निरंतर ही यात्रा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।
उनके निर्देशों के क्रम में ही पूर्व में 31 मई तक धामों में वीआइपी दर्शन की व्यवस्था पर रोक लगाई गई थी। तब भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर अनुरोध करते हुए कहा था कि चारधाम यात्रा के लिए अनिवार्य पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्यों से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया था।
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