जम्मू-कश्मीर के कठुआ में हुए आतंकी हमले में उत्तराखंड के निवासी राइफलमैन आदर्श नेगी बलिदान हो गए। इस खबर के बाद बलिदानी के परिवार समेत पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कठुआ में हुए आतंकी हमले को कायराना बताते हुए आदर्श नेगी के बलिदान पर दुख व्यक्त किया।
सीएम धामी ने आतंकी हमले को बताया कायराना
सीएम धामी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा- जम्मू कश्मीर के कठुआ में आतंकियों द्वारा किए गए कायराना हमले में जनपद टिहरी के आदर्श नेगी जी के शहीद होने का समाचार अत्यंत दुःखद है। माँ भारती की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त आदर्श नेगी जी का यह सर्वोच्च बलिदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। माँ भारती की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त आदर्श नेगी जी का यह सर्वोच्च बलिदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। जम्मू में हुए आतंकवादी हमले पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा- ‘जम्मू कश्मीर में हुए कायराना आतंकी हमले के दौरान उत्तराखण्ड के पांच वीर-जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत पीड़ा का क्षण है क्योंकि हमने भाई और बेटा भी खोया है। हमारे रणबांकुरों ने उत्तराखण्ड की समृद्ध सैन्य परंपरा का पालन करते हुए मां भारती के चरणों में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।’
मां भारती की रक्षा करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध आपका यह सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इस कायरतापूर्ण हमले के दोषी, मानवता के दुश्मन आतंकवादी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे और इनको पनाह देने वाले लोगों को भी इसके परिणाम भुगतने होंगे। बता दें 26 वर्षीय आदर्श टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के थाती डागर गांव के रहने वाले थे।उनके पिता दलबीर सिंह नेगी गांव में ही खेतीबाड़ी का काम करते हैं।आदर्श ने बारहवी तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज पिपलीधार से हुई। 2019 में वह गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हो गए। उस दौरान वह गढ़वाल विश्वविद्यालय से बीएससी द्वितीय वर्ष थे।
You may also like
-
इंश्योरेंस मोड पर संचालित होगी आयुष्मान योजना, गोल्डन कार्ड को लेकर सीएम धामी से चर्चा के बाद होगा फैसला
-
रुद्रपुर में चौंकाने वाला मामला, एक नंबर की दो कारें, चेसिस नंबर भी सेम, आधार में भी खेल! ARTO हैरान
-
वनाग्नि के लिए सिर्फ जलवायु परिवर्तन ही नहीं जिम्मेदार, अध्ययन ने बताई ब्रिटिश काल के वन प्रबंधन की खामियां
-
मौत को हरा जिंदगी की जंग जीती ‘मालिनी’, अब करती है अठखेलियां, जानिए इस हथिनी की कहानी
-
97 दिन से रूस में फंसे थे पिथौरागढ़ के दो भाई, सीएम धामी के प्रयास से सकुशल लौटे घर