मध्य प्रदेश से बस में सवार होकर चारधाम यात्रा के लिए जा रहे 50 श्रद्धालुओं का पंजीकरण जांच में फर्जी पाया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के देपालपुर थानाक्षेत्र के सुनाला गांव निवासी उमराव सिंह ने शनिवार की रात मंगलौर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके साथ 50 श्रद्धालु बस में सवार होकर चारधाम यात्रा के निकले थे। इस बीच उन्होंने चारधाम यात्रा के पंजीकरण के लिए एक व्यक्ति से संपर्क किया था। जिसने बताया था कि वह सभी लोगों का चारधाम यात्रा का पंजीकरण करवा देगा। उक्त व्यक्ति ने छह पंजीकरण के लिए ऑनलाइन छह हजार रुपये ट्रासंफर करवाए थे। साथ ही पंजीकरण की पीडीएफ बनाकर उनके मोबाइल पर भेजी थी। शनिवार शाम वह नारसन बॉर्डर पर पहुंचे तो पुलिस ने पंजीकरण की जांच की। जांच में पंजीकरण फर्जी पाया गया। मंगलौर कोतवाली प्रभारी अमरचंद शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी करने का केस दर्ज कर लिया है। साथ ही मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान कर तलाश की जा रही है।
श्रद्धालुओं ने झेली परेशानी
पंजीकरण फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने पूरी बस को नारसन बॉर्डर पर ही रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। इस बीच बस में सवार श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, बाद में सभी श्रद्धालुओं के पंजीकरण कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। जिसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली और पुलिस ने उन्हें आगे के लिए रवाना किया।
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