उत्तराखंड सरकार की तरफ से प्रदेश के सैनिकों की मौत पर 50 लाख की धनराशि दी जाएगी। वहीं राज्य सरकार द्वारा सभी वीरता पद की राशि भी बढ़ा गई है। यह घोषणा सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान की। इस दौरान मंत्री ने कहा कि उपनल कर्मी की मौत पर एक लाख की बजाय 1.50 लाख रुपए दिए जाएंगे। बता दें कि सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी शनिवार को उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के 21 वें स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि की रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि अब उपनल कर्मचारी की मौत पर 1.50 लाख रुपए की सहायता मिलेगी। इसके अलावा पंजाब नेशनल के साथ एमओयू हुआ, जिसमें बैंक भी 50 लाख रुपए बैंक खाता होने पर देगा। उपनल के वेलफेयर से एक करोड़ रुपए का विकास सैनिक बाहुल्य क्षेत्र में कराया जाएगा। ओवरसीज की योजना शुरू की जा रही है। जिसके माध्यम से विदेशों में प्रदेश के युवाओं को नौकरी मिल सकेगी। उपनल के कार्यालय के लिए जमीन मिल गई है। जल्द ही निर्माण शुरू होगा। मंत्री गणेश जोशी ने कहा उपनल ओवरसीज रिक्रूटमेंट एजेंसी के साथ साझेदारी कर प्रदेश के युवाओं को विदेश में नौकरी दिलवाने का काम करेगा। इसके लिए उपनल ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्दी ही उपनल को लाइसेंस मिल जाएगा। अभी तक यह व्यवस्था देश के केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश में थीl अब चौथा प्रदेश उत्तराखंड होगा। इससे सैनिक के परिवारजनों के अलावा आम उत्तराखंडी युवा भी लाभान्वित होंगे। उपनल के वेलफेयर फंड से करीब एक करोड़ से सैनिक बाहुल्य क्षेत्र का विकास होगा। जैसे कि स्कूल, शौचालय, पार्क सड़क आदि की समुचित सुविधा की जाएगी। उपनल के प्रबंध निदेशक जेएनएस बिष्ट ने बताया कि उपनल के द्वारा एक सॉफ्टवेयर वेबसाइट बनाई गई है। जिसमें दूर दराज के युवा नौकरी पाने लिए पंजीकरण कर सकते हैं। इसमें नौकरी कर रहे लोग अपनी उपस्थित दर्ज कर सकेंगे। अपनी शिकायत भी दे सकेंगे। इसी के माध्यम से उनकी सैलरी भी एक क्लिक में उनके खातों में पहुंच जाएगी। अब उपनल कर्मियों का मेडिकल शुल्क 30 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया है।
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