नाबालिग के साथ दुराचार के बाद उसकी हत्या करने के मामले में सजा काट रहे आरोपी को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है.![]()
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक नाबालिग के साथ दुराचार के बाद उसकी हत्या करने के आरोप में निचली अदालत से आजीवन सजा प्राप्त ऋषिकेश निवासी आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद उच्च न्यायलय उसकी जमानत मंजूर कर ली है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि वह जमानत के दैरान संबंधित थाने को अपना मोबाइल नंबर और जहां पर रहेगा उसका सही पता थाने को देगा. साथ ही हर महीने थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगा. आरोपी 12 वर्ष 8 माह से जेल में बंद है. वहीं राज्य सरकार के वकील ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया.
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने अपीलकर्ता की चौथी जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान उसके अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी को 28 अक्टूबर 2013 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह लगातार हिरासत में है. केवल दो अवसरों को छोड़कर, जब उसे क्रमशः 7 दिन और 14 दिन की अल्पकालिक जमानत मिली थी, उसने कुल 12 वर्ष और 8 महीने से अधिक का समय जेल में बिताया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ‘सोनाधर बनाम छत्तीसगढ़ राज्य’ मामले का हवाला देते हुए कहा कि निकट भविष्य में इस अपील पर अंतिम सुनवाई की कोई संभावना नहीं है, इसलिए लंबे समय से जेल में बंद होने के आधार पर अपीलकर्ता जमानत का हकदार है.
राज्य सरकार के वकील ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया. उन्होंने दलील दी कि आरोपी को पीड़ित के ‘डाइंग डिक्लेरेशन’ (मृत्युपूर्व कथन) के आधार पर दोषी ठहराया गया है और अपील में भी उसकी सजा बरकरार रहने की पूरी संभावना है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि अपीलकर्ता द्वारा काटी गई लंबी सजा और निकट भविष्य में अंतिम सुनवाई की संभावना न होने को देखते हुए उसे जमानत दी जानी चाहिए. जिसके बाद कोर्ट ने सशर्त आरोपी की जमानत मंजूर कर ली.
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