प्रदेश में समान नागरिक संहिता के अंतर्गत विवाह, लिव इन रिलेशन, तलाक,वसीयत से लेकर तमाम कानूनी प्रविधान से संबंधित जानकारी व सुविधाएं यूसीसी फ्रेंडली पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। समान नागरिक संहिता लागू करने के दृष्टिगत इसके विभिन्न प्रविधानों को लेकर नियमावली के प्रारूप को पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति अगले तीन माह में सरकार को सौंप देगी। समान नागरिक संहिता के लिए बन रही नियमावली में कानून में उल्लिखित सभी प्रमुख व्यवस्था जैसे विवाह का पंजीकरण, लिव इन रिलेशन का पंजीकरण, तलाक व वसीयत की समस्त व्यवस्था ऑनलाइन रहेगी। नियमावली में इन प्रक्रियाओं में आवेदकों को कार्यालयों में चक्कर काटने से परेशानी से बचाने को यूसीसी फ्रेंडली ऑनलाइन पोर्टल बनाया जा रहा है। इसके अनुसार व्यवस्था बनाई जा रही है। इन व्यवस्था से संबंधित विभागों के कार्मिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पूरी तैयारी होने के बाद ही इसे धरातल पर उतारा जाएगा।
उत्तराखंड पहला राज्य
उत्तराखंड समान नागरिक संहिता कानून बनाने वाला पहला राज्य है। इस कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने इसकी नियमावली बनाने के लिए मार्च 2024 में पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया। इस समिति ने नियमावली में कानून में उल्लिखित सभी प्रमुख व्यवस्थाओं को ऑनलाइन करने की संस्तुति की है। नियमावली में एक मुख्य व्यवस्था लिव इन रिलेशन के दौरान साथ रहने वालों को एकदूसरे के अतीत के बारे में जानकारी देने की भी है। यद्यपि, ये जानकारी दोनों की उपस्थिति में ही तभी दी जाएगी जब उन्होंने इसके लिए आवेदन किया हो। इसका उद्देश्य यह है कि संबंधों में पारदर्शिता रहे। इसमें वसीयत का भी ऑनलाइन पंजीकरण करने की तैयारी है। समिति ने इसे निश्शुल्क करना प्रस्तावित किया है, जिससे अधिक से अधिक व्यक्ति अपनी वसीयत कराने के लिए आगे आ सकें।
व्यवस्था को ऑनलाइन करने के लिए इंफार्मेशन टेक्नालाजी डेवलपमेंट एजेंसी (आइटीडीए) यूसीसी फ्रेंडली ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर रही है। साथ ही एक एप भी बनाया जाना प्रस्तावित है, जो आमजन के लिए काफी मददगार साबित होगा। ऑनलाइन की जा रही व्यवस्था पर सुगमता से कार्य हो, इसके लिए नियमावली में संबंधित विभाग जैसे राजस्व, गृह व स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसकी भी तैयारियां की जा रही हैं। समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि समिति का प्रयास अगले तीन माह के भीतर नियमावली तैयार कर सरकार को सौंपना है। नियमावली में प्रविधानों को ऑनलाइन करने की व्यवस्था की गई है, जिससे आमजन को इससे लाभ मिल सके।
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