लोकसभा चुनावों में प्रदेश के दुर्गम व अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर उत्तराखंड पुलिस ड्रोन से निगरानी रखेगी। यहां संदिग्ध क्रियाकलाप नजर आने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को मौके पर रवाना किया जाएगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय सीमाओं पर भी ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इससे यहां कानून-व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेश में पांचों लोकसभा सीटों के लिए 11729 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 200 से अधिक मतदान केंद्र ऐेसे हैं, जो दुर्गम व अति दुर्गम स्थल पर हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों की वजह से इनमें सीसी कैमरे लगाना संभव नहीं है। साथ ही इन स्थानों पर सर्विलांस एवं फोटो व वीडियोग्राफी काफी मुश्किल है। ऐसे स्थानों पर ड्रोन कैमरों द्वारा निगरानी की जाएगी।
बनाया जा रहा अस्थायी कंट्रोल रूम
संवेदनशील व अति संवेदनशील बूथों के आसपास भी ड्रोन से निगरानी की जाएगी। ड्रोन कैमरों से ली जाने वाली तस्वीरों पर निगरानी के लिए पुलिस मुख्यालय में एक अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। निगरानी के दौरान कहीं भी ड्रोन से संदिग्ध व्यक्ति, संदिग्ध वस्तु अथवा संदिग्ध क्रियाकलाप नजर आएगा, तो तुरंत उस स्थान को चिह्नित किया जाएगा। कंट्रोल रूम द्वारा इसकी सूचना तुरंत संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी को भेजी जाएगी। संबंधित पुलिस अधिकारी तत्काल ऐसे स्थानों पर पहुंचकर मौका मुआयना करेगा और जरूरत पडऩे पर आवश्यक कार्यवाही करेगा। ड्रोन का इस्तेमाल अंतराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय सीमाओं पर भी किया जाएगा, ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा वाहन अवैध सामग्री के साथ प्रदेश में प्रवेश न कर सके।
चुनाव के लिए पुलिस के नोडल अधिकारी अपर पुलिस महानिदेशक एपी अंशुमान ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा।
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