देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा बागेश्वर में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे. डीएम ने बारिश को देखते हुए ये आदेश जारी किये हैं.
देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश हो रही है. बारिश के कारण जगह जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं हो रही हैं. नदी नाले बारिश के कारण उफान पर हैं. बारिश के बाद बने हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गये हैं. देहरादून, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और बागेश्वर डीएम ने बारिश के अलर्ट को देखते हुए स्कूल और आंगनबाड़ी केद्रों में छुट्टी घोषित की है.
बता दें बता दें मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के लिए मौसम पूर्वानुमान जारी किया है. पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के ज्यादात हिस्सों में बारिश, गरज-चमक की संभावना है. देहरादून डीएम ने आज बारिश की आशंका को देखते हुए जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 वीं कक्षा तक और सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किये हैं. साथ ही एहतियात बरतने के निर्देश भी जारी किये गये हैं. बागेश्वर जिलाधिकारी की ओर से भी आदेश जारी कर दिये गये हैं.
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों के लिए मौसम का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार 30 अगस्त को 10 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है. 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. एक सितंबर को देहरादून और टिहरी में फिर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है.
मौसम विभाग मुताबिक 4 सितंबर तक प्रदेश के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है. हालांकि, 29 अगस्त की सुबह जारी फ्लैश फ्लड रिस्क बुलेटिन में उत्तराखंड के लिए फिलहाल ‘एरिया ऑफ कंसर्न’ शून्य बताया गया है. इसके बावजूद मौसम विभाग ने भूस्खलन, सड़क अवरोध, नालों के उफान और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.
उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. बारिश से कई संपर्क मार्ग लगातार बाधित हो रहे हैं, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं प्रदेश में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर बह रहे हैं. भारी बारिश के दौरान पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसलिए जरूरी ना हो तो पर्वतीय क्षेतों में सफर करने से बचे. भारी बारिश से हो रहे भूस्खलन से पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना रहता है.
बारिश के अलर्ट के बाद बरतें सावधानियां
- घरों से अनावश्यक बाहर न निकलें.
- घरों की खिड़किया, दरवाज़े ठीक से बंद रखे.
- बिजली के उपकरणों को स्विच ऑफ रखें
- नालियों और गटर साफ रखें ताकि पानी जमा न हो
- बाहर निकलना पड़े तो पानी भरे इलाकों से दूरी बनाये.
- निचले इलाकों, नालों, नदियों और पुलों से दूर रहें.
- गाड़ी चलाते समय धीरे और सावधानी से चलाएं. पानी भरी सड़कों पर न घुसें
- बिजली के तार, खंभे या टूटे पेड़ों से दूर रहें
- अपने पास छतरी या रेनकोट जरूर रखें.
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