रुद्रप्रयाग में बारिश और लैंडस्लाइड से केदारनाथ यात्रा प्रभावित. मसूरी में मूसलाधार बारिश ने 2025 की त्रासदी की कड़वी याद दिलाई.
रुद्रप्रयाग/मसूरी: उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड ने कहर बरपा रखा है. एक तरफ जहां मसूरी में देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर तबाही का मंजर खड़ा कर दिया. मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के समीप पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से सड़क किनारे बना एक रेस्टोरेंट पूरी तरह ध्वस्त हो गया. उधर, रुद्रप्रयाग जिले में हो रही मूसलाधार बारिश से अलकनंदा नदी उफान पर है.
रुद्रप्रयाग में बारिश का कहर: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे रुद्रप्रयाग जनपद में हालात गंभीर बना दिए हैं. अलकनंदा नदी उफान पर है और कई स्थानों पर उसका जलस्तर खतरे के निशान के आसपास पहुंच गया है. बेलनी क्षेत्र में स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी नदी के बढ़े जलस्तर में जलमग्न हो गई है, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
स्कूलों में छुट्टी घोषित: नदी का पानी अब आवासीय क्षेत्रों के करीब तक पहुंचने लगा है. प्रशासन लगातार लोगों को सतर्क रहने, नदी किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रहा है. जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए एहतियातन रुद्रप्रयाग जनपद के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
केदारनाथ यात्रा प्रभावित: वहीं, केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. केदारनाथ हाईवे के काकड़ा के पास पहाड़ी से भारी चट्टान टूटकर हाईवे पर आ गिरी, जिससे मार्ग बाधित हो गया. खराब मौसम और लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा भी प्रभावित हुई है और यात्रा संचालन पर अस्थायी ब्रेक लगाना पड़ा है.
प्रशासन, पुलिस, SDRF और संबंधित विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. लोगों और यात्रियों से अपील की गई है कि बिना अत्यंत आवश्यक कारण यात्रा न करें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना और मौसम अपडेट के आधार पर ही आगे की योजना बनाएं.
मसूरी में मूसलाधार बारिश ने बरपाया कहर: मसूरी के निवासियों के लिए भी बीती रात बहुत कठिन रही. यहां लगातार भारी बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ है. पहाड़ी से आए मलबे ने एक रेस्टोरेंट को काफी नुकसान पहुंचाया है. राहत की बात यह रही कि रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, जिससे बड़ा हादसा टल गया. वहीं दूसरी ओर मसूरी कैंपटी रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 707 ए गस्ती बैंड के पास भारी भूस्खलन होने के बाद बंद हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पानी वाले बैंड पर मलबे में समाया रेस्टोरेंट: स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2025 की आपदा में भी यही रेस्टोरेंट पूरी तरह तबाह हो गया था. भारी आर्थिक नुकसान के बावजूद मालिक ने दोबारा मेहनत कर रेस्टोरेंट का निर्माण कराया था, लेकिन एक बार फिर प्रकृति के कहर ने उसकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया. लगातार दूसरी बार तबाह हुए इस रेस्टोरेंट ने क्षेत्र में आपदा के स्थायी खतरे पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
मसूरी में कई जगह सड़क पर आया मलबा: बारिश के चलते मसूरी-देहरादून मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें आ गईं. इसके कारण मार्ग कई घंटों तक बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया, जिसके बाद मार्ग को धीरे-धीरे सुचारू करने का प्रयास किया गया. हाल के दिनों में लगातार बारिश के कारण पानी वाले बैंड क्षेत्र में सड़क पहले से ही संवेदनशील बनी हुई है और प्रशासन यहां विशेष निगरानी रखे हुए है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी वाले बैंड क्षेत्र में हर मानसून के दौरान भूस्खलन होता है, लेकिन अब तक स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं. उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी भू-सुरक्षा कार्य नहीं हुए तो हर साल लोगों की आजीविका और पर्यटन दोनों प्रभावित होते रहेंगे.
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