राजभवन में इस साल वसंतोत्सव का आयोजन सात से नौ मार्च के बीच होगा। बुधवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्यपाल ने कहा कि इस आयोजन में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके प्रचार-प्रसार को व्यापक किया जाए ताकि प्रदेश के पुष्प उत्पादकों और महिला स्वयं सहायता समूहों को इससे लाभ मिल सके। उन्होंने वसंतोत्सव के माध्यम से फूल उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही उत्तराखंड के सगंध पौधों के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया। राज्यपाल ने निर्देश दिए कि पुष्प प्रदर्शनी को व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए यहां के पुष्पों की न केवल प्रदेश बल्कि देशभर में मार्केटिंग की संभावनाओं को तलाशा जाए। कहा कि आयोजन में आईएचएम और जीएमवीएन के सहयोग से फूड कोर्ट की व्यवस्था की जाए। फूड कोर्ट में विशेष रूप से पारंपरिक मोटे अनाज (मिलेट) आधारित व्यंजनों को प्राथमिकता दी जाए। कहा, वसंतोत्सव के माध्यम से शहद उत्पादन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने जीबी पंत कृषि विवि को विशेष स्टॉल लगाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने आयोजन के दौरान फीडबैक सिस्टम लागू करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि पुष्प प्रदर्शनी में 15 विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें 162 पुरस्कार दिए जाएंगे। वसंतोत्सव में आईटीबीपी, आईएमए, पीएसी, और होमगार्ड के आकर्षक बैंड की धुन सुनाई देगी। बैठक में महानिदेशक होमगार्ड डॉ. पीवीके प्रसाद, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण एसएन पांडेय, अपर सचिव राज्यपाल स्वाति एस भदौरिया, मनु महाराज, दीप्ति सिंह आदि अफसर मौजूद रहे।
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