एसआईटी की जांच पर पीएमओ और सीएम ऑफिस की पैनी नजर, संघ भी ले रहा पल-पल की अपडेट.
अयोध्या: राम मंदिर दान गबन मामले में SIT की जांच तेज हो गई है. जानकारी के मुताबिक एसआईटी राम मंदिर के 2021 से अब तक के सभी रिकार्ड खंगाल रही है. साथ ही यह भी पता लगा रही है कि मंदिर की स्थापना के बाद कर्मचारियों की भर्ती कैसे हुई थी, कौन कर्मचारी कहां से आया था और उसकी क्या ड्यूटी थी. खासकर दानपात्र में किन-किन कर्मचारियों और अफसरों की ड्यूटी लगाई गई थी. वह अपनी जिम्मेदारी कैसे निभा रहे थे. वहीं, इस मामले में अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेता हमलावर हो गए हैं. इस मामले में बयानबाजी तेज हो गई है.
जांच का आज तीसरा दिन: बता दें कि टीम सोमवार से राम मंदिर में डेरा डाले हुए हैं. हालांकि टीम ने मीडिया से दूरी बनाई है. वही बताया जा रहा है कि पीएमओ व मुख्यमंत्री कार्यालय समेत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे घटनाक्रम व जांच पर निगाह बनाए हुए हैं. जानकारी के मुताबिक दो दिनों में हुई जांच में दान पत्र से रुपए गबन के कुछ अहम सबूत टीम के हाथ लगे हैं. कहा जा रहा है कि इसकी टीम गहनता से जांच कर रही है.

केंद्र के अफसर और एसआईटी की जांच समान: सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा जांच के लिए भेजे गए आईपीएस अधिकारी की जांच रिपोर्ट अब तक एसआईटी की रिपोर्ट से मेल खा रही है. मंदिर सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी इस ओर इशारा कर रही है. कहा जा रहा है कि दान पत्र में गबन के मामले में कुछ अहम सबूत टीम के हाथ लगे हैं.

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