इस बार की भीषण गर्मी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गुरुवार को दून का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 122 वर्ष में सर्वाधिक है। इससे पहले चार जून 1902 को दून का तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो आल टाइम रिकार्ड है। वर्ष 2022 में पांच जून को पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था, लेकिन इस बार उत्तराखंड में गर्मी कहर ढाह रही है। खासकर मैदानी क्षेत्रों में लू के थपेड़ों ने जीना दूभर कर रखा है। पिछले पांच दिनों से दून का पारा 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। सुबह से ही सूरज आग उगल रहा है। गुरुवार को दून का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से तीन अधिक 26.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा पंतनगर का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच अधिक 41.0 और न्यूनतम 26.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान सामान्य से सात अधिक 31.2 व न्यूनतम 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। टिहरी का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन अधिक 31.6 व न्यूनतम 26.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
उधर, मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। अभी दून समेत अन्य मैदानी क्षेत्रों में अगले तीन दिन तापमान में कमी आने की संभावना नहीं है। देहरादून में अधिकतम तापमान 42 डिग्री से ऊपर रहने और दोपहर के समय लू चलने की संभावना है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ऊंचाई वाले स्थानों पर गर्जन के साथ हल्की वर्षा हो सकती है। शेष मैदानी क्षेत्रों में लू चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
जून में पिछले एक सप्ताह से इस तरह रहा पारा
13 जून, 42.4 डिग्री सेल्सियस
12 जून, 41.6, डिग्री सेल्सियस
11 जून, 41.8 डिग्री सेल्सियस
10 जून, 41.3 डिग्री सेल्सियस
09 जून, 41.2 डिग्री सेल्सियस
08 जून, 40.0 डिग्री सेल्सियस
07 जून, 39.8 डिग्री सेल्सियस
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