प्रदेश में कांग्रेस में नए सिरे से जान फूंकने की तैयारी है। दो विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव के परिणाम पक्ष में आने के बाद पार्टी का मनोबल बढ़ा है। पार्टी के सामने अब प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के साथ ही केदारनाथ उपचुनाव की चुनौती है।
इसे देखते हुए प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी, विधानमंडल दल के साथ ही पूर्व विधायकों, पूर्व मंत्रियों एवं पूर्व सांसदों की गुरुवार को नई दिल्ली में बैठक बुलाई है। कांग्रेस नेतृत्व उत्तराखंड में पार्टी के जनाधार को लेकर चिंतित है। लोकसभा चुनाव में पार्टी को प्रदेश की सभी पांचों सीट पर पराजय मिली थी।
पीएल पूनिया समिति गठित की गई
हार के कारणों पर मंथन के लिए पार्टी नेतृत्व की ओर से पीएल पूनिया समिति गठित की गई। पूर्व सांसद पीएल पूनिया गत माह तीन दिवसीय भ्रमण पर उत्तराखंड आए थे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत पार्टी के समस्त विधायकों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, पूर्व विधायकों एवं पूर्व सांसदों से अलग-अलग भेंट कर लोकसभा चुनाव में हार के कारणों पर फीडबैक लिया। वरिष्ठ नेता पीएल पूनिया के दौरे के बाद कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश पर प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने गुरुवार को प्रदेश संगठन, विधानमंडल दल समेत तमाम नेताओं की बैठक नई दिल्ली में एआइसीसी मुख्यालय में बुलाई है। बैठक में प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेता सम्मिलित होंगे।
कांग्रेस के सामने दो चुनौती
पार्टी के सामने अब नगर निकाय चुनाव के साथ ही केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की चुनौती है। इन चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन आगामी विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं के मनोबल के दृष्टिगत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
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