जम्मू कश्मीर के लेह में तैनात मेजर प्रणय नेगी का सोमवार रात्रि तबीयत बिगड़ने पर देश के लिए बलिदान दे दिया। मंगलवार को इसकी सूचना मिलने पर उनके निवास स्थान कान्हरवाला भानियावाला में कोहराम मच गया। आसपास के लोगों ने उनके घर पहुंचकर स्वजनों को सांत्वना दी। उधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संवेदना जताते हुए कहा कि मां भारती की रक्षा करते हुए मेजर प्रणय नेगी ने देश की आन, बान और शान के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। जिसे देशवासी हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान दें और उनके स्वजनों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
तबियत बिगड़ने से हुआ निधन
बता दें कि 37 वर्षीय मेजर प्रणय नेगी जम्मू कश्मीर के लेह में तैनात थे। सोमवार रात्रि आठ बजे उन्होने माता-पिता से फोन पर वार्ता की थी। वहीं रात्रि में अपनी पोस्ट पर तैनाती के दौरान उनका स्वास्थ्य बिगड़ने पर उनका निधन हो गया। जिसकी सूचना मंगलवार सुबह 10 बजे सेना के अधिकारियों ने फोन के माध्यम से उनके स्वजनों को दी। मेजर नेगी मूल रूप से थाती डागर कीर्तिनगर टिहरी गढ़वाल जनपद के निवासी है। वह 94 मीडियम रेजिमेंट में तैनात थे। पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया की मेजर प्रणय नेगी मसूरी के सेंट जोर्ज स्कूल में शिक्षा प्राप्त की थी। जहां उन्हें बेस्ट स्टूडेंट के रूप में राष्ट्रपति ने सम्मानित भी किया था।
वह बड़े ही होनहार और मृदुभासी थे। उनकी दो विवाहिता बहनें, पत्नी और डेढ़ साल का बेटा है। उनके बलिदान की सूचना से क्षेत्र में शोक व्याप्त है । क्षेत्र के लोग और रिश्तेदार उनके घर पहुंच कर स्वजनों को सांत्वना दे रहे है ।उन्होंने बताया संभवतः मेजर का पार्थिव शरीर बुधवार तक आने की संभावना है।
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