उत्तराखंड के साहसिक खेलों की झांकी इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनेगी। इस झांकी के चयन को केंद्र सरकार के स्तर से भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इससे राज्य के साहसिक खेलों को पहचान मिलेगी। प्रदेश सरकार हर वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत कर्तव्यपथ पर होने वाली परेड में शामिल होने के लिए अपनी झांकी केंद्र सरकार को भेजती है। इसके बाद वहां से यह तय होता है कि यह झांकी कार्यक्रम का हिस्सा बनेगी या नहीं।
उत्तराखंडी परिधान में महिला को दिखाया गया
इस झांकी के अग्रभाग में प्रसिद्ध एपण कला को बनाते हुए उत्तराखंडी परिधान में महिला को दिखाया गया है। झांकी के मध्य व पिछले भाग में साहसिक खेल, जैसे रॉक क्लाइंबिंग, पैराग्लाइडिंग, बंजी जंपिंग, हिल साइक्लिंग, ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, औली में स्कीईंग, ऋषिकेश में जिप लाईनिंग और रॉक क्लाइंबिंग को दिखाया गया है। प्रदेश की ओर से संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान ने झांकी के डिजाइन, माडल तथा संगीत का प्रस्तुतिकरण दिया। विशेषज्ञ समिति ने इस झांकी का चयन कर लिया है। इस वर्ष उत्तराखंड समेत 15 राज्यों की झांकी का परेड के लिए चयन हुआ है।
पिछले साल उत्तराखंड की झांकी को मिला था पहला स्थान
गत वर्ष उत्तराखंड की झांकी मानसखंड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। इससे पूर्व वर्ष 2003 में फूलदेई, 2005 में नंदा राजजात, वर्ष 2006 में फूलों की घाटी, वर्ष 2007 में कार्बेट नेशनल पार्क, वर्ष 2009 में साहसिक पर्यटन, वर्ष 2010 में कुंभ मेला हरिद्वार, वर्ष 2014 में जड़ी-बूटी, वर्ष 2015 में केदारनाथ, वर्ष 2016 में रम्माण, वर्ष 2018 में ग्रामीण पर्यटन, वर्ष 2019 में अनाशक्ति आश्रम, वर्ष 2021 में केदारखंड, वर्ष 2022 में प्रगति की ओर बढ़ता कदम झांकी प्रस्तुत की गई थी।
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