विधानसभा की केदारनाथ सीट के उपचुनाव से निबटने के बाद भाजपा अब निकाय चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। इसी क्रम में जिलों से निकायों में चुनाव लडऩे के इच्छुक दावेदारों के उभरकर आ रहे नामों के जमीनी आकलन को फीडबैक लिया जा रहा है। यही नहीं, प्रत्याशियों के चयन के लिए पैनल में प्रथम तीन नामों के मामले में दो सर्वे भी पार्टी कराएगी। इनमें एक कार्यकर्ताओं और दूसरा संबंधित निकाय क्षेत्र की जनता के बीच होगा। इसमें अव्वल रहने वाले को ही निकाय चुनाव में पार्टी टिकट देगी। इसके अलावा नगर निगम और नगर पालिका परिषदों के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त करने की योजना भी है। विधानसभा की बदरीनाथ व मंगलौर सीटों के उपचुनाव में सफलता न मिलने पर भाजपा ने केदारनाथ सीट के उपुचनाव में पूरी ताकत से काम किया और कामयाबी हासिल की। जाहिर है कि केदारनाथ की जीत से पार्टीजनों का मनोबल भी बढ़ा है। भाजपा अब बढ़े मनोबल के साथ निकाय चुनाव में उतरने जा रही है। इस क्रम में पार्टी का प्रांतीय नेतृत्व हाल में ही विधायकों, जिलाध्यक्षों व जिला प्रभारियों से फीडबैक लेने के साथ ही निकायों में तय होने वाले आरक्षण के दृष्टिगत दावेदारों के नामों को लेकर चर्चा कर चुका है।
इस बीच विभिन्न निकायों में पार्टी की ओर से निकाय चुनाव लडऩे के इच्छुक कई नाम उभरकर सामने आए हैं। पार्टी का प्रांतीय नेतृत्व इन नामों के दृष्टिगत जिलों के कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजनों से फीडबैक ले रहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि निकाय चुनाव के लिए पार्टी अपनी रणनीति को जल्द ही अंतिम रूप देगी। पार्टी ने तय किया है कि निकाय चुनाव की घोषणा होते ही प्रत्याशी चयन को लेकर जिलों में पर्यवेक्षक भेजे जाएंगे, जो दावेदारों का पैनल तैयार करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष भट्ट के अनुसार पैनल में शामिल पहले तीन नामों की जमीनी हकीकत आंकने के लिए दो स्तर पर सर्वे कराया जाएगा। इसके तहत कार्यकर्ताओं से तो राय ली ही जाएगी, जनता के बीच भी सर्वे कराया जाएगा। दोनों सर्वे में जो अव्वल रहेगा उस पर पार्टी दांव खेलेगी। प्रयास यही होगा कि जिताऊ उम्मीदवार को ही मैदान में उतारा जाए।
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